कंप्यूटर क्या है

 कंप्यूटर क्या है (What is Computer in Hindi) आज के समय में कंप्यूटर हम्हारे जीवन में परमुख योगदान दे रहा है जिससे सभी कार्य आसानी से हो जाते है यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसे हम किसी कमांड देकर उपयोग करते है.

इसे सही से उपयोग करने के लिए हमको कम्प्यूटर की पूरी जानकारी होनी चाहिए, तभी हम इस इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग ठीक ढंग से कर सकते है. साथ ही प्रतियोगि परिक्षाओं में भी कम्प्यूटर से संबंधित काफी सवाल पूछे जाते है. इसलिए कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी होना जरुरी हो जाता है.

कंप्यूटर क्या है (what is Computer)

कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है, जिसका अर्थ है “गणना”, करना होता है इसीलिए इसे गणक या संगणक या अभिकलक यंत्र भी कहा जाता है और इसका अविष्‍कार Calculation करने के लिये हुआ था सीधी भाषा मेंं कंप्‍यूटर Calculation करने वाली मशीन थी, जैसे आपका कैलकुलेटर –

ये हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को हमारे भाषा में नहीं समझता बल्कि सिर्फ 0 और 1 के रूप में समझता है जिसे हम बाइनरी लैंग्वेज बोलते हैं

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है – Full Form of Computer ?

अब जान लेते हैं की कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है.

C – Commonly,

O – Operated,

M – Machine, 

P – Particularly,

U – Used for ,

T – Technical, 

E – Educational, 

R – Research.

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया

कंप्यूटर का आविष्कार दुनिया के सबसे बड़े आविष्कारों में से एक है. क्योंकी इसने पूरी दुनिया के काम करने का ढंग बदल दिया. सारे काम अब इसी से आसानी से किये जाते है. इसने हम लोगो के काम को बहुत आसान बना दिया है.

इस का आविष्कार किसने किया और इसके जनक कौन हैं. अगर नही मालूम तो जान लीजिये की इस का आविष्कार जिस इंसान ने किया था उनका नाम Charles Babbage था .

Charles Babbage कंप्यूटर के पिता कहे जाते हैं जिन्होंने 1822 में “Differential engine” नाम से mechanical कंप्यूटर बनाया था.

वैसे तो इस को develop या विकसित करने में बहुत सारे लोगों ने वक़्त के साथ योगदान दिया है. 1837 में उन्होंने विश्लेषणात्मक इंजन (Analytical engine) के रूप में पहला modern सिस्टम दुनिया के सामने लाया.

Analytical engine में ALU (Arithmetic and Logic unit), बुनियादी प्रवाह नियंत्रण और एकीकृत मेमोरी का प्रयोग किया था. आजकल के सिस्टम भी इसी मॉडल के आधार पर बनाये जाते हैं. यही वजह है की उन्हें modern age सिस्टम का जनक कहा जाता है.

कंप्‍यूटर के प्रकार – Types Of Computer in Hindi

कंप्‍यूटर के कार्य पद्धति आधार पर इसका का वर्गीकरण तीन प्रकार से किया गया है इसमें 1-हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer) , 2- डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer), 3- एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) इन तीनों की अपनी अपनी विशेषतायें हैं तो आइये जानते हैं क्‍या होता है डिजिटल, एनालॉग और हाइब्रिड कंप्यूटर

हाइब्रिड कम्प्यूटर क्या है (What is Hybrid Computer)

हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer) में एनालॉग कंप्यूटर Analog Computer) और डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer) दोनों के ही गुण होते है। ये कंप्‍यूटर एनालाॅग और डिजिटल से अधिक भरोसेमंद माने जाते हैं इनका काम होता है एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) से प्राप्‍त आंकडों को डिज़िटल रूप में उपलब्‍ध कराना, चिकित्‍सा, मौसम विज्ञान में इनका सबसे ज्‍यादा प्रयोग होता है

डिजिटल कंप्यूटर क्या है (What is Digital Computer)

डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer) वह कंप्‍यूटर होते हैं जिन्‍हें आप आमतौर पर प्रयोग करते हैं अपने घरों में, कार्यालयों में, जिसमें डिजिटल तरीके से डाटा को फीड किया जाता है और आउटपुट प्राप्‍त किया जाता है अधिकतक डिजिटल कंप्‍यूटर ही प्रयोग में आते हैं और बाजारों में आमतौर पर उपलब्‍ध रहते हैं डिजिटल कंप्यूटर डाटा और प्रोग्राम को 0 और 1 यानि बायनरी में परिवर्तित करके उसको इलेक्ट्रॉनिक रूप में ले जाते है।

एनालॉग कंप्यूटर क्या है (What is Analog Computer)

इनका प्रयोग भौतिक इकाइयों दाब, तापमान, लंबाई, गति आदि को मापने में किया जाता है, चलिये थोडा और समझते हैं, बात करते हैं मौसम विज्ञान की आपको हवा का दबाब, वातावरण में नमी या बारिश कितनी हुई या आज का सबसे कम या सबसे ज्‍यादा तापमान कितना था इन सब के आंकडें इकठ्ठा करने के लिये एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) बनाये गये हैं

  1. आर्द्रतामापी (हाइग्रोमीटर) – इससे वायुमण्डल में व्याप्त आर्द्रता नापी जाती है
  2. वर्षामापी (रेन गेज) – इससे किसी विशेष स्थान पर हुई वर्षा की मात्रा नापी जाती हैं 
  3. एनिमोमीटर – इससे वायु की शक्ति तथा गति को नापा जाता है

ये सब एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) भौतिक आंकडों को इकठ्ठा करते हैं 

कम्प्यूटर का इतिहास – History of Computer in Hindi

आधुनिक कम्प्यूटर अविष्कार की देन हैं. जिसकी शुरुआत ईसा पूर्व ही हो चुकी थी. जब चीनियों ने अबेकस का आविष्कार किया. इसके बाद विभिन्न प्रकार के स्वचालित मशीने अस्तित्व में आई. और चार्ल्स बैबेज द्वारा बनाया गया स्वाचालित इंजन आज के कम्प्यूटर का आधार बना.

कम्प्यूटर का इतिहास इसी तरह के उतार-चढावों से बना हुआ है. जिसके बारे में संक्षेप में नीचे बतायाजा रहा हैं.

  • Abacus दुनिया का पहला गणना यंत्र था जिसके द्वारा सामान्य गणना (घटाना,जोडना ) की जा सकती थी.
  • अबेकस का आविष्कार लगभग 2500 वर्ष पूर्व चीनीयों द्वारा किया गया.
  • यह यंत्र 17वीं शताब्दी तक गणना करने का एक मात्र उपकरण बना रहा.
  • 1017 में John Napier ने अपनी किताब “Rabdology” में अपने गणितीय उपकरण का जिक्र किया. जिसका नाम “Napier’s Bones” था. इस डिवाइस का उपयोग उत्पादों की गणना तथा भागफल ज्ञात करने के लिए किया जाता था. इस डिवाइस में गणना करने के लिए इस्तेमाल होने वाली विधि को ‘रेब्दोलॉजी’ कहा जाता था.
  • इस डिवाइस द्वारा जोडना, घटाना, गुणा, भाग भी किये जा सकते थे.
  • John Napier के आविष्कार के कुछ साल बाद (1620 के आसपास) ही माननीय William Oughtred ने “Slide Rule” का आविष्कार कर लिया.
  • इसके द्वारा गुणा, भाग, वर्गमूल, त्रिकोणमीतिय जैसी गणनाएं की जा सकती थी. मगर जोड तथा घटाव के लिए कम इस्तेमाल किया हुआ.
  • 1642 में माथ 18 वर्ष की अल्पायु में फ्रेंच वैज्ञानिक और दार्शनिक ने पहला व्यवहरिक यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया.
  • इस कैलकुलेटर का नाम “पास्कालिन” था. जिसके द्वारा गणना की जा सकति थी.
  • फिर 1671 में पास्कालिन में सुधार करते हुए एक एडवांस मशीन ‘Step Reckoner’ का आविष्कार हुआ. जो जोडने, घटाने के अलावा गुणा, भाग, वर्गमूल भी कर सकती थी.
  • Gottfried Wilhelm Leibniz द्वारा विकसित इस मशीन में भंडारण क्षमता भी थी.
  • Binary System भी इन्ही के द्वारा विकसित किया गया. जिसे एक अंग्रेज ‘George Boole’ ने आधार बनाकर 1845 में एक नई गणितीय शाखा “Boolean Algebra” का आविष्कार किया.
  • आधुनिक कम्प्यूटर डाटा संसाधित करने और तार्किक कार्यों के लिए इसी बाइनरी सिस्टम और बुलीन अल्जेब्रा पर ही निर्भर रहते हैं.
  • 1804 में फ्रेंच के एक बुनकर ‘Joseph-Marie-Jacquard’ ने एक हथकरघा बनाया. जिसका नाम ‘Jacquard Loom’ था.
  • इसे पहला ‘सूचना-संसाधित’ डिवाइस माना जाता हैं.
  • और इस डिवाइस के आविष्कार ने साबित कर दिया कि मशीनों को मशीनि कोड द्वारा संचालित किया जा सकता था.
  • 1820 में फ्रांस के ‘Thomas de Colmar’ ने “Arithmometer” नामक एक नई गणना मशीन बनाई.
  • जिसके द्वारा गणित के चार बुनियादी कार्य जोडना, घटाना, गुणा, भाग किये जा सकते थे.
  • मगर द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इस मशीन का विकास रुक गया.
  • आधुनिक कम्प्यूटर के पितामह माननीय ‘Charles Babbage’ ने 1822 में “बहुपदीय फलन” का सारणीकरण करने के लिए एक स्वचालित यांत्रिक कैलकुलेटर का आविष्कार किया.
  • इस कैलकुलेटर का नाम “Difference Engine” था.
  • यह भाप द्वारा चलती थी और इसका आकार बहुत विशाल था.
  • इसमे प्रोग्राम को स्टोर करने, गणना करने तथा मुद्रित करने की क्षमता थी.
  • इस इंजन के लगभग एक दशक बाद 1833 में “Analytical Engine” डिजाइन किया.
  • इस इंजन को ही आधुनिक कम्प्यूटर का शुरुआती प्रारुप माना जाता हैं. इसलिए ही “चार्ल्स बैबेज” को कम्प्यूटर का जनक कहा जाता हैं.
  • इस मशीन मे वे सभी चीजे थी जो मॉडर्न कम्प्यूटर में होती है.
  • Analytical Engine में Mill (CPU), Store (Memory), Reader and Printer (Input/Output) का काम कर रहे थे.
  • अब आधुनिक कम्प्यूटर की नींव रखी जा चुकी थी.

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